BCCI new rules IPL 2026: IPL 2026 का सीजन अभी अपने आधे रास्ते पर ही पहुंचा है, लेकिन BCCI ने अभी से नियमों की किताब निकाल ली है — और इस बार पकड़ काफी सख्त है। मैदान के बाहर लगातार हो रही कुछ घटनाओं के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने नई गाइडलाइन्स जारी की हैं, जिन्हें हर IPL फ्रेंचाइजी को बिना किसी छूट के मानना होगा।
सभी दस टीमों को भेजी गई 8 पन्नों की एडवाइजरी में BCCI के IPL 2026 के नए नियम होटल मूवमेंट, डगआउट एक्सेस, वेपिंग, हनी-ट्रैप के खतरों और प्लेयर रूम में बिना अनुमति आने-जाने तक — सब कुछ कवर करते हैं। बोर्ड का साफ संदेश है कि अब अगली गलती सिर्फ चेतावनी पर नहीं टलेगी।
आखिर बीच सीजन में BCCI को क्यों आना पड़ा एक्शन में
इस पूरी कार्रवाई की शुरुआत राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग और एक टीम अधिकारी से जुड़े हालिया विवाद से हुई। इसके कुछ ही दिनों बाद पंजाब किंग्स के स्पिनर युजवेंद्र चहल का फ्लाइट में वेपिंग करने का वीडियो वायरल हो गया। इन दोनों ही घटनाओं ने लीग की छवि पर सवाल खड़े कर दिए — और यही वो वक्त था जब BCCI को कदम उठाना पड़ा।
बोर्ड ने अपनी एडवाइजरी में साफ कहा है कि IPL एंटी-करप्शन यूनिट ने हाल की घटनाओं पर चिंता जताई है और अगर इन पर लगाम नहीं लगाई गई तो लीग की साख पर सीधा असर पड़ सकता है। हालांकि "मैच फिक्सिंग" शब्द का सीधा इस्तेमाल नहीं हुआ है, लेकिन एडवाइजरी का लहजा बताता है कि बोर्ड अब कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं है।
हनी-ट्रैप को लेकर सख्त चेतावनी, बिना लिखित अनुमति कोई एंट्री नहीं
IPL honey-trap warning: इस पूरी एडवाइजरी का सबसे चर्चित हिस्सा है हनी-ट्रैप वाली चेतावनी। BCCI ने फ्रेंचाइजियों को साफ कहा है कि बड़े स्पोर्टिंग इवेंट्स में हनी-ट्रैप एक पुराना और खतरनाक तरीका रहा है, और इस पर सतर्क रहना अब टीम मैनेजमेंट की जिम्मेदारी है।
नई SOP के तहत:
खिलाड़ी के होटल रूम में किसी भी विज़िटर को टीम मैनेजर की लिखित अनुमति के बिना एंट्री नहीं मिलेगी।
विज़िटर का खिलाड़ी से चाहे जो भी रिश्ता हो, यह नियम सब पर लागू होगा।
हर एंट्री को सिक्योरिटी लाइज़न ऑफिसर (SLO) द्वारा वेरिफाई और लॉग किया जाएगा।
मतलब साफ है — दोस्त हो, परिवार हो या जान-पहचान का कोई चेहरा, अब बिना मंजूरी प्लेयर रूम तक पहुंच नहीं होगी।
होटल से बाहर निकलने पर भी अब सख्त निगरानी
BCCI के नए नियमों का दूसरा बड़ा हिस्सा है खिलाड़ियों के होटल से बाहर निकलने को लेकर। बोर्ड ने ऐसे मामलों का जिक्र किया है जहां खिलाड़ी देर रात बिना सिक्योरिटी या टीम मैनेजमेंट को बताए होटल से बाहर निकल गए — जो साफ तौर पर प्रोटोकॉल का उल्लंघन है।
अब खिलाड़ियों को:
होटल से बाहर निकलने से पहले टीम मैनेजर और SLO को सूचित करना होगा।
किसी भी पर्सनल आउटिंग, डिनर या घूमने जाने के लिए पहले से क्लीयरेंस लेना होगा।
देर रात की ऐसी मूवमेंट से बचना होगा जो सिक्योरिटी टीम के रिकॉर्ड में दर्ज न हो।
सीनियर खिलाड़ियों को यह नियम थोड़ा सख्त लग सकता है, लेकिन बोर्ड का मानना है कि एक भी लापरवाह शाम पूरी फ्रेंचाइजी का सीजन और साख दोनों खराब कर सकती है।
टीम मालिकों को भी डगआउट और ड्रेसिंग रूम से दूर रहने का आदेश
यह नियम कई फ्रेंचाइजी मालिकों को थोड़ा चुभेगा। BCCI ने एक बार फिर याद दिलाया है कि टीम के मालिकों को डगआउट, ड्रेसिंग रूम और प्लेइंग फील्ड जैसे रिस्ट्रिक्टेड एरिया में आने की अनुमति नहीं है।
नए नियमों में साफ तौर पर मना किया गया है:
मैच के दौरान मालिकों का खिलाड़ियों से रिस्ट्रिक्टेड एरिया में सीधा बातचीत करना।
टीम हडल या स्ट्रैटेजी मीटिंग में मालिकों की मौजूदगी।
मैच के दौरान डगआउट के आसपास किसी भी अनधिकृत उपस्थिति।
सीधे शब्दों में — मालिक स्टैंड्स से तालियां बजा सकते हैं, लेकिन डगआउट सिर्फ खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ के लिए है।
स्टेडियम और होटल में वेपिंग और बैन्ड पदार्थों पर पूरी तरह रोक
युजवेंद्र चहल का वेपिंग वाला वायरल वीडियो साफ तौर पर BCCI की नजर में था। बोर्ड ने अब इस पर अपनी स्थिति औपचारिक रूप से तय कर दी है — IPL वेपिंग बैन अब आधिकारिक रूप से नई गाइडलाइन्स का हिस्सा है, और होटल या स्टेडियम परिसर में किसी भी प्रतिबंधित पदार्थ पर ज़ीरो-टॉलरेंस की नीति लागू है।
बोर्ड ने चेतावनी दी है कि अगर कोई खिलाड़ी या स्टाफ मेंबर इसका उल्लंघन करता है तो उसे झेलना पड़ सकता है:
फ्रेंचाइजी और BCCI दोनों की तरफ से अनुशासनात्मक कार्रवाई।
पदार्थ की प्रकृति के आधार पर कानूनी कार्रवाई।
IPL आचार संहिता के तहत भारी जुर्माना।
यह सिर्फ दिखावे की बात नहीं है। BCCI चाहता है कि IPL एक साफ-सुथरा स्पोर्टिंग प्रोडक्ट बना रहे — खासकर जब ब्रॉडकास्टर, स्पॉन्सर और दुनिया भर के फैंस इस पर नजर गड़ाए बैठे हैं।
अगली गलती पर क्या होगा? सस्पेंशन से लेकर डिसक्वालिफिकेशन तक
एडवाइजरी का सबसे सख्त हिस्सा आखिर में आता है। BCCI ने साफ-साफ बता दिया है कि अगर कोई फ्रेंचाइजी, खिलाड़ी या अधिकारी फिर से नियम तोड़ता है तो क्या-क्या परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
संभावित कार्रवाइयां इस तरह हैं:
टीम और व्यक्ति दोनों को शो-कॉज नोटिस।
भारी आर्थिक जुर्माना।
खिलाड़ी या सपोर्ट स्टाफ का सस्पेंशन।
सबसे गंभीर मामलों में टूर्नामेंट से डिसक्वालिफिकेशन।

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